चमोली, 6 जून 2026। चारधाम यात्रा के चरम सीजन में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव के बीच ज्योतिर्मठ में जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा लागू किया गया गेट सिस्टम प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन का महत्वपूर्ण उपाय साबित हो रहा है।
स्थानीय लोगों, व्यापारियों और यात्रियों ने इस व्यवस्था को जाम की समस्या से राहत दिलाने वाला एक सफल कदम बताते हुए प्रशासन की सराहना की है।
लगातार बढ़ रहा यातायात दबाव
जनपद चमोली में इन दिनों देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर पहुंच रहे हैं।
यात्रा शुरू होने के 43 दिनों के भीतर ही 9,08,619 श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम और 55,411 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं।
प्रतिदिन 20 हजार से अधिक यात्रियों के आगमन से बद्रीनाथ हाईवे पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
ज्योतिर्मठ में लागू हुआ गेट सिस्टम
ज्योतिर्मठ से मारवाड़ी के बीच अक्सर लगने वाले जाम को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर तहसील प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से यह गेट सिस्टम लागू किया है।
इस व्यवस्था के तहत निर्धारित समयांतराल पर एक दिशा से वाहनों का संचालन किया जा रहा है, जिससे यातायात को नियंत्रित और सुचारु बनाए रखने में मदद मिल रही है।
स्थानीय लोगों ने की सराहना
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गेट सिस्टम लागू होने के बाद नगर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
पहले घंटों तक जाम की स्थिति बनी रहती थी, जिससे व्यापारियों और यात्रियों को भारी परेशानी होती थी, लेकिन अब स्थिति काफी बेहतर हो गई है।
ब्रहमकपाल तीर्थपुरोहित संगठन के अध्यक्ष अमित सती, स्थानीय व्यापारी हर्षा शाह, सलीम और समीर डिमरी ने प्रशासन और पुलिस की इस पहल की सराहना की है।
प्रशासन का बयान
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बढ़ते दबाव को देखते हुए गेट सिस्टम लागू किया गया है और आवश्यकता अनुसार इसमें बदलाव किया जाएगा।
उन्होंने यात्रियों से यातायात नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
निष्कर्ष
ज्योतिर्मठ में लागू गेट सिस्टम चारधाम यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है, जिसने स्थानीय लोगों और यात्रियों दोनों को राहत प्रदान की है।
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