पोखरी पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल, भटकी बुजुर्ग महिला को सकुशल परिजनों से मिलाया
पोखरी (चमोली)। उत्तराखंड पुलिस का मानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है। चमोली जनपद की पोखरी पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए भटकी हुई एक बुजुर्ग महिला को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाकर सराहनीय कार्य किया है।
जानकारी के अनुसार, 1 सितंबर 2026 की रात्रि करीब 8:30 बजे ग्राम सिमखोली क्षेत्र में लगभग 60 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला अकेली घूमती हुई दिखाई दीं। देर रात महिला को अनजान स्थान पर भटकता देख ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना थाना पोखरी पुलिस को दी।
सूचना प्राप्त होते ही पोखरी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित थाना लेकर आई। महिला की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें महिला पुलिस कर्मियों की निगरानी में रखा गया।
पूरी रात की देखभाल, कराया भोजन
थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों ने बुजुर्ग महिला की कुशलक्षेम पूछी तथा उन्हें भोजन उपलब्ध कराया। रातभर उनकी देखभाल की गई ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा या असुरक्षा का सामना न करना पड़े।
पुलिस ने केवल अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ही नहीं किया बल्कि मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए महिला को परिवार जैसा सहयोग प्रदान किया।
परिजनों का पता लगाकर सौंपी महिला
महिला की पहचान और उनके परिजनों की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने तुरंत प्रयास शुरू किए। पुलिस द्वारा परिजनों से संपर्क स्थापित कर उन्हें महिला के सुरक्षित होने की सूचना दी गई।
2 सितंबर 2026 को परिजनों को थाना पोखरी बुलाया गया, जहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बुजुर्ग महिला को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया।
चमोली पुलिस का जताया आभार
अपनी बुजुर्ग परिजन को सुरक्षित पाकर परिवार के सदस्यों के चेहरे पर राहत और खुशी साफ दिखाई दी। परिजनों ने चमोली पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए भी सदैव तत्पर रहती है।