नीम करोली बाबा की भक्ति और सेवा की कहानी बनी ‘हनुमान अंश’, सिनेमाघरों में गूंज रहा आध्यात्मिक संदेश
BBU Uttarakhand | मनोरंजन डेस्क
नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा में जब भी किसी संत या आध्यात्मिक व्यक्तित्व की कहानी पर्दे पर आती है, तो वह सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहती। ऐसी फिल्में दर्शकों को आस्था, भक्ति और जीवन के मूल्यों से भी जोड़ती हैं। इन दिनों संत नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इसी वजह से चर्चा में है।
फिल्म का केंद्र नीम करोली बाबा का जीवन, हनुमान भक्ति, मानव सेवा और करुणा का संदेश है। फिल्म में एक साधारण जीवन से आध्यात्मिक यात्रा की ओर बढ़ते व्यक्तित्व को दिखाने का प्रयास किया गया है।
भक्ति, सेवा और मानवता को बनाया कहानी का आधार
‘हनुमान अंश’ को केवल एक धार्मिक फिल्म के तौर पर नहीं, बल्कि सेवा और मानवता के संदेश से जोड़कर भी देखा जा रहा है। फिल्म में बाबा के जीवन से जुड़े आध्यात्मिक प्रसंगों के माध्यम से यह बताने की कोशिश की गई है कि भक्ति का वास्तविक अर्थ केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा और मानवता के प्रति प्रेम भी है।
फिल्म का लेखन और निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। नीम करोली बाबा की भूमिका अभिनेता शोभिनव सत्या ने निभाई है।
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कम बजट से शुरू हुई कहानी, बॉक्स ऑफिस पर बनी चर्चा
‘हनुमान अंश’ की सबसे खास बात इसका बॉक्स ऑफिस सफर भी है। रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनाई गई थी और शुरुआत में इसकी ओपनिंग बेहद मामूली रही। इसके बावजूद समय के साथ दर्शकों के बीच फिल्म की चर्चा बढ़ती गई और फिल्म ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया।
यही वजह है कि फिल्म को मौजूदा समय की चर्चित आध्यात्मिक फिल्मों में गिना जा रहा है। फिल्म की सफलता यह भी संकेत देती है कि दर्शक बड़े सितारों और भारी बजट के साथ-साथ ऐसी कहानियों को भी पसंद कर रहे हैं, जिनमें भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव हो।
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नीम करोली बाबा के परिवार की प्रतिक्रिया ने बढ़ाई चर्चा
फिल्म को लेकर नीम करोली बाबा के परिवार की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बाबा के भतीजे और अन्य परिजनों ने फिल्म में दिखाए गए प्रसंगों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्हें फिल्म में दिखाई गई घटनाएं मनगढ़ंत नहीं लगीं।
इस प्रतिक्रिया के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।
उत्तराखंड से भी जुड़ी है बाबा की आध्यात्मिक विरासत
नीम करोली बाबा का नाम उत्तराखंड के कैंची धाम से विशेष रूप से जुड़ा हुआ है। नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम आज देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में शामिल है।
बाबा के प्रति लोगों की आस्था और कैंची धाम की लोकप्रियता ने उनकी शिक्षाओं को देश की सीमाओं से बाहर तक पहुंचाया है। यही वजह है कि नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म को उत्तराखंड के संदर्भ में भी खास महत्व मिल रहा है।
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क्यों खास है ‘हनुमान अंश’?
फिल्म की खासियत सिर्फ बाबा के जीवन को पर्दे पर दिखाना नहीं, बल्कि उनके जीवन से जुड़े भक्ति, सेवा, प्रेम और मानवता के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश है।
फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने इसे अपने लिए एक तरह की सेवा बताया है। फिल्म की चर्चा बढ़ने के साथ इसके अगले भाग की भी पुष्टि की जा चुकी है।
BBU उत्तराखंड की नजर में
‘हनुमान अंश’ उन फिल्मों में शामिल हो गई है, जिनके जरिए सिनेमा और अध्यात्म का संगम देखने को मिलता है। नीम करोली बाबा की लोकप्रियता, कैंची धाम के प्रति बढ़ती आस्था और फिल्म को मिल रहे दर्शकों के समर्थन ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या भारतीय सिनेमा में आध्यात्मिक और संतों के जीवन पर आधारित फिल्मों के लिए एक नया दौर शुरू हो रहा है?
फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि ‘हनुमान अंश’ ने नीम करोली बाबा की कथा और उनके संदेश को एक बार फिर बड़े पर्दे के जरिए लाखों दर्शकों तक पहुंचा दिया है।
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