नंदा नगर (घाट)/चमोली। Garhwali Folk Singer- उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को अपनी मधुर आवाज के माध्यम से नई पहचान दिलाने वाली चमोली जनपद के नंदा नगर (घाट) विकासखंड के ग्राम नौना की बेटी मंजू गौड़ आज लोक संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। गढ़वाली लोकगीत, भजन, मंगल गीत, झुमैला-चांचड़ी और पौराणिक जागरों के माध्यम से वह न केवल सांस्कृतिक विरासत को संजो रही हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रेरणादायी कार्य भी कर रही हैं।
मंजू गौड़ का संगीत सफर किसी पारिवारिक विरासत से जुड़ा नहीं है। उनके परिवार या ससुराल में कोई पेशेवर गायक या कलाकार नहीं रहा, लेकिन बचपन से संगीत के प्रति गहरा लगाव और गुनगुनाने की आदत ने उन्हें आज गढ़वाली लोक संगीत की उभरती हुई आवाज बना दिया है।
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अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर उन्होंने धार्मिक आयोजनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जागर मंचों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं का दिल जीता है। उनकी गायिकी में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पहाड़ की माटी की खुशबू और ग्रामीण जीवन की सादगी साफ झलकती है।
लोक संस्कृति के संरक्षण के प्रति उनका समर्पण सराहनीय है। बिना किसी बड़े मंच या सम्मान की अपेक्षा किए वह वर्षों से उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने में अपना योगदान दे रही हैं।
हाल ही में रिलीज हुई उनकी ‘झुमैला-चांचड़ी’ गीतों की कैसेट को श्रोताओं का भरपूर प्यार मिल रहा है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर उनके गीतों की लगातार सराहना हो रही है। वहीं, उनके नए गीतों से सजी एक और कैसेट भी जल्द रिलीज होने वाली है, जिसका उनके प्रशंसक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मंजू गौड़ का मानना है कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान, परंपरा और अमूल्य विरासत है। यही सोच उन्हें हर गीत के माध्यम से संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रेरित करती है।
अपनी सुरीली आवाज, सरल व्यक्तित्व और संस्कृति के प्रति समर्पण के कारण मंजू गौड़ ने क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई है। आवश्यकता है कि ऐसी लोक प्रतिभाओं को उचित मंच, सम्मान और प्रोत्साहन मिले, ताकि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित और जीवंत बनी रहे।
निस्संदेह, अपनी कोयल जैसी मधुर आवाज से लोक संस्कृति की अलख जगा रहीं मंजू गौड़ उत्तराखंड की उन प्रतिभाशाली बेटियों में शामिल हैं, जिन पर पूरे प्रदेश को गर्व है।
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