नई दिल्ली: सोनम वांगचुक अनशन- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार देर रात 26 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया। वे पिछले कुछ दिनों से मेदांता अस्पताल में भर्ती थे। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के समझाने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
26 दिनों तक चला अनशन
सोनम वांगचुक का यह अनशन लगातार 26 दिनों तक चला। इस दौरान उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही थी। अनशन समाप्त होने के बाद समर्थकों ने राहत व्यक्त की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
सोशल मीडिया पर आई प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सोनम वांगचुक का जीवन देश के लिए अमूल्य है। उन्होंने कहा कि उनके 26 दिनों के त्याग और संघर्ष ने पूरे देश का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया है।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
अभिजीत दिपके ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक पार्टी का जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा। वहीं, पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने भी आंदोलन जारी रखने की पुष्टि की है।
24 जुलाई को देशव्यापी आंदोलन की घोषणा
कॉकरोच जनता पार्टी ने 24 जुलाई को देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। पार्टी का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सरकार की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से आंदोलन की आगे की रणनीति और पार्टी की मांगों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिनों बाद अनशन समाप्त करना इस आंदोलन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। हालांकि, आंदोलन से जुड़े संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक उनका विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। अब सभी की नजर केंद्र सरकार की आगामी प्रतिक्रिया और आंदोलन के अगले चरण पर टिकी हुई है।
