देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी नेतृत्व ने वरिष्ठ नेता आशुतोष नेगी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही उनकी प्राथमिक सदस्यता भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
पार्टी की अनुशासन समिति ने आशुतोष नेगी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों को गंभीर मानते हुए यह फैसला लिया। इस कार्रवाई को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले UKD के भीतर अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में हुई कार्रवाई
उत्तराखंड क्रांति दल के अनुसार आशुतोष नेगी लगातार पार्टी लाइन के विपरीत गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे। पार्टी नेतृत्व ने पहले भी उन्हें संगठनात्मक मर्यादा और अनुशासन का पालन करने की सलाह दी थी, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
UKD अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने दो दिन पहले ही सार्वजनिक रूप से आशुतोष नेगी को संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने की नसीहत दी थी। इसके बावजूद कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियां जारी रहने पर उन्हें छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया।
बीजेपी से 20 करोड़ की डील के लगाए थे आरोप
आशुतोष नेगी हाल के दिनों में उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने UKD के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ 20 करोड़ रुपये की कथित डील करने का आरोप लगाया था। उनके इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी थी।
हालांकि पार्टी नेतृत्व ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए अनुशासन और संगठन की छवि को प्रभावित करने वाला बताया। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हुई।
पहले केंद्रीय उपाध्यक्ष पद से भी हटाए गए थे
यह पहली बार नहीं है जब आशुतोष नेगी के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई हुई हो। इससे पहले उत्तराखंड क्रांति दल ने उन्हें केंद्रीय उपाध्यक्ष पद से भी हटा दिया था।
दल के केंद्रीय महामंत्री एवं केंद्रीय कार्यालय प्रभारी देव चंद उत्तराखंडी द्वारा जारी पत्र में कहा गया था कि केंद्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर पार्टी नेतृत्व के निर्णय के अनुसार आशुतोष नेगी को केंद्रीय उपाध्यक्ष पद सहित सभी संगठनात्मक दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त किया जाता है।
रायपुर सीट से चुनाव लड़ने की कर रहे थे तैयारी
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार आशुतोष नेगी आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में रायपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में चुनाव से पहले उनका निष्कासन UKD के लिए एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले का प्रभाव पार्टी की आंतरिक राजनीति के साथ-साथ आगामी चुनावी रणनीति पर भी पड़ सकता है।