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चमोली

चमोली आपदा मॉक ड्रिल 2026- चमोली में 2 जुलाई को होगी आपदा मॉक ड्रिल, छह स्थानों पर राहत एवं बचाव अभियान का होगा अभ्यास

चमोली में 2 जुलाई की आपदा मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा बैठक करते जिलाधिकारी गौरव कुमार।
2 जुलाई को प्रस्तावित जनपद स्तरीय आपदा मॉक ड्रिल से पहले गोपेश्वर में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते जिलाधिकारी गौरव कुमार।
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चमोली, 30 जून 2026। चमोली आपदा मॉक ड्रिल 2026- जनपद में 2 जुलाई को प्रस्तावित जनपद स्तरीय आपदा मॉक ड्रिल को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंगलवार को एनआईसी सभागार, गोपेश्वर में जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान सभी विभागों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की तत्परता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और आपसी समन्वय का परीक्षण करना है। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार आवश्यक संसाधन, उपकरण और मानवबल पहले से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।

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छह स्थानों पर तैयार किए जाएंगे आपदा के काल्पनिक परिदृश्य

मॉक ड्रिल के दौरान जनपद के छह चिन्हित स्थानों पर अलग-अलग आपदा परिस्थितियों का अभ्यास किया जाएगा। इनमें शामिल हैं—

  • चेपड़ों (थराली): भारी वर्षा एवं भूस्खलन से भवनों में मलबा भरने की स्थिति।
  • लामबगड़ (ज्योतिर्मठ): मलबा गिरने से पुल क्षतिग्रस्त होना और अलकनंदा नदी का प्रवाह बाधित होना।
  • थराली-चेपड़ों-वाण क्षेत्र: बादल फटने की काल्पनिक घटना।
  • कमेड़ा (गौचर): पत्थर गिरने से यातायात बाधित होने की स्थिति।
  • तमक नाला (ज्योतिर्मठ): मलबा गिरने से पुल क्षतिग्रस्त होने का परिदृश्य।
  • टीएचडीसी टनल (पीपलकोटी): टनल क्षतिग्रस्त होने से लोगों के फंसने की स्थिति।

इन सभी स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्यों का वास्तविक परिस्थितियों की तरह अभ्यास किया जाएगा।

राहत, बचाव और संचार व्यवस्था पर विशेष जोर

बैठक में खोज एवं बचाव दलों की तैनाती, राहत शिविरों की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, एम्बुलेंस, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति, खाद्य सामग्री की उपलब्धता, सड़कों को सुचारु रखने, वैकल्पिक मार्गों और संचार व्यवस्था सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी भी प्रस्तुत की।

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विभागों को दिए अहम निर्देश

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने निर्देश दिए कि मॉक ड्रिल के दौरान सभी विभाग निर्धारित समय पर अपने संसाधनों, उपकरणों और कार्मिकों के साथ पूरी तरह तैयार रहें तथा विभागों के बीच समन्वय में किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियां तैयार की जाएंगी, इसलिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मॉक ड्रिल के बाद प्रत्येक विभाग अपने अनुभवों, कमियों और चुनौतियों का विश्लेषण कर भविष्य के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम सुनिश्चित करे।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी राज कुमार पांडे, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, जिला विकास अधिकारी के.के. पंत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


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