मुख्य सामग्री पर जाएं
DIGITAL NEWSROOM|गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
चमोली

डायट गौचर में डी.एल.एड. प्रशिक्षुओं के लिए पाँच दिवसीय अबेकस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ, गणितीय कौशल पर रहेगा विशेष फोकस

डायट गौचर में डी.एल.एड. प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित पाँच दिवसीय अबेकस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन।
शेयर करेंWhatsAppFacebook

गौचर/चमोली। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गौचर, चमोली में डी.एल.एड. प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं के लिए पाँच दिवसीय अबेकस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य भावी शिक्षकों को अबेकस पद्धति के माध्यम से गणितीय कौशल, मानसिक गणना क्षमता और तार्किक सोच विकसित करने की आधुनिक शिक्षण तकनीकों से परिचित कराना है, ताकि वे विद्यालयों में विद्यार्थियों को प्रभावी एवं रोचक तरीके से गणित पढ़ा सकें।

अबेकस शिक्षा से गणित होगा आसान

प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर डायट गौचर के प्रभारी प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद मैखुरी ने सभी प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए कहा कि अबेकस शिक्षा बच्चों के मन से गणित का भय दूर करने और उनमें विषय के प्रति रुचि विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक विद्यार्थियों की एकाग्रता, स्मरण शक्ति, मानसिक गणना क्षमता और समस्या समाधान कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में खेल-खेल में सीखने (Learning by Doing) और विजुअल लर्निंग आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में अबेकस पद्धति प्राथमिक और जूनियर स्तर के विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है।

ये भी पढ़ें-: पौड़ी कांग्रेस परिवर्तन संकल्प यात्रा, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह; विकास, रोजगार और जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरा

पाँच दिनों तक मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं को अबेकस के मूल सिद्धांतों के साथ-साथ तेजी से जोड़, घटाना, गुणा और भाग जैसी गणना विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा प्राथमिक एवं जूनियर कक्षाओं में अबेकस आधारित शिक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने की तकनीकों से भी प्रशिक्षुओं को अवगत कराया जाएगा।

प्रशिक्षण में अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न समूह गतिविधियां, अभ्यास सत्र, खेल आधारित शिक्षण तकनीकें और सहभागिता आधारित कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।

विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण

इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक अध्यापक रंजन बिष्ट एवं पंकज पांडे मुख्य संदर्भदाता (Resource Persons) के रूप में प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन करेंगे। वहीं कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक गोपाल प्रसाद कपरूवाण हैं, जिन्होंने उद्घाटन सत्र का संचालन भी किया।

शिक्षण कौशल होगा और अधिक प्रभावी

संस्थान के अनुसार, प्रशिक्षण पूरा होने के बाद डी.एल.एड. प्रशिक्षु अपने विद्यालयी इंटर्नशिप एवं आगामी शिक्षण कार्य के दौरान अबेकस तकनीक का उपयोग कर विद्यार्थियों को सरल, रोचक एवं प्रभावी तरीके से गणित सिखा सकेंगे। इससे न केवल बच्चों की गणितीय समझ मजबूत होगी, बल्कि शिक्षकों का शिक्षण कौशल भी और अधिक समृद्ध होगा।

डायट गौचर द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी पाँच दिनों तक निरंतर चलेगा, जिसमें प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के सभी डी.एल.एड. प्रशिक्षु सक्रिय रूप से प्रतिभाग करेंगे।


ताज़ा समाचार अपडेट के लिए जुड़े रहें BBU उत्तराखंड पर।

अन्य खबरें –:


अपनी राय लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *