कर्णप्रयाग धारा 163: कर्णप्रयाग में सात दिन के लिए सख्त प्रतिबंध, प्रशासन ने जारी किया धारा-163 का आदेश-
कर्णप्रयाग/चमोली। कर्णप्रयाग धारा 163- हाल के दिनों में कर्णप्रयाग में उत्पन्न तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाया है। उप जिलाधिकारी कर्णप्रयाग द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस)-2023 की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करते हुए कई गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। यह आदेश 20 जून से 27 जून तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालिया घटनाक्रम के बाद विभिन्न संगठनों और समूहों द्वारा प्रदर्शन, रैलियों तथा बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते एहतियाती कदम उठाने से किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सकता है।
कर्णप्रयाग धारा 163
ये भी पढ़ें-:
जारी आदेश के अनुसार बिना अनुमति सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ एकत्र करने, जुलूस निकालने, धरना-प्रदर्शन करने और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक रहेगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक, सामाजिक और व्यावसायिक गतिविधियों को सामान्य रूप से संचालित करने में कोई अनावश्यक बाधा नहीं डाली जाएगी, लेकिन ऐसा कोई भी कार्य जो शांति व्यवस्था को प्रभावित कर सकता हो, उस पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
अधिकारियों ने आम जनता से संयम बरतने, अफवाहों पर विश्वास न करने और किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि प्रशासन या पुलिस से करने की अपील की है। साथ ही लोगों से सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा गया है कि क्षेत्र की शांति और भाईचारा बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
प्रशासन का संदेश साफ है— कर्णप्रयाग में शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ताज़ा समाचार अपडेट के लिए जुड़े रहें BBU उत्तराखंड पर।
कर्णप्रयाग धारा 163
अन्य खबरें -: