JEE Advanced 2026 IIT Mumbai- पहाड़ के बेटे ने रचा इतिहास! पहले ही प्रयास में JEE Advanced 2026 क्रैक कर IIT मुंबई पहुंचे गोपेश्वर के आलेख परमार
गोपेश्वर/चमोली। JEE Advanced 2026 IIT Mumbai उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने वाले युवाओं की सूची में अब एक और नाम जुड़ गया है। श्री गुरु राम राय (एसजीआरआर) पब्लिक स्कूल, गोपेश्वर के मेधावी छात्र आलेख परमार ने JEE Advanced 2026 परीक्षा पहले ही प्रयास में शानदार सफलता प्राप्त करते हुए देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में से एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मुंबई में प्रवेश हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और विद्यालय, बल्कि पूरे चमोली जनपद और उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।
पहले ही प्रयास में JEE Advanced 2026 में मिली बड़ी सफलता
देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल JEE Advanced को पास करना लाखों छात्रों का सपना होता है। हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन चुनिंदा छात्र ही IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंच पाते हैं। ऐसे में आलेख परमार का पहले ही प्रयास में IIT मुंबई के लिए चयन होना उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट शैक्षणिक क्षमता का प्रमाण है।
ये भी पढ़ें-: पौड़ी कांग्रेस परिवर्तन संकल्प यात्रा, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह; विकास, रोजगार और जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरा
CBSE कक्षा 12 में भी रहे विद्यालय के टॉपर
आलेख परमार ने केवल प्रतियोगी परीक्षा में ही नहीं, बल्कि सीबीएसई कक्षा 12 (2026) की परीक्षा में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए एसजीआरआर पब्लिक स्कूल, गोपेश्वर के टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। बोर्ड परीक्षा और JEE Advanced जैसी चुनौतीपूर्ण परीक्षा में एक साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करना उनकी निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
एसजीआरआर पब्लिक स्कूल, गोपेश्वर ने जताया गर्व
श्री गुरु राम राय (एसजीआरआर) पब्लिक स्कूल, गोपेश्वर लंबे समय से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण और उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणामों के लिए जाना जाता है। विद्यालय विद्यार्थियों को केवल बोर्ड परीक्षाओं तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें JEE, NEET और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहतर मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराता है।
विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने आलेख परमार की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी।
परिवार और शिक्षकों ने दिया सफलता का श्रेय
आलेख परमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और विद्यालय के शिक्षकों को दिया, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, समय का सही प्रबंधन, सकारात्मक सोच और निरंतर अभ्यास ही उनकी सफलता का सबसे बड़ा आधार रहा।
उत्तराखंड के युवाओं के लिए बने प्रेरणा
सुदूर पर्वतीय क्षेत्र से निकलकर IIT मुंबई जैसे प्रतिष्ठित संस्थान तक पहुंचना आसान नहीं होता। सीमित संसाधनों के बावजूद आलेख परमार ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदारी से की जाए और आत्मविश्वास बना रहे, तो कोई भी मंजिल असंभव नहीं होती।
आज उनकी सफलता उत्तराखंड के हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं। यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और आने वाली पीढ़ियों को आगे बढ़ने का संदेश देती है।
ताज़ा समाचार अपडेट के लिए जुड़े रहें BBU उत्तराखंड पर।
अन्य खबरें –: